और एक लिखा इस पार प्रिय,
मैं हूं तुम हो, तुम हो,
मैं हूँ उस पार में ना जाने क्या होगा,
इस पार तो तुम हो, मदिरा भी है,
उस पार क्या होगा न जाने मरने के बाद!!
क्योंकि…..…
घर छुपाना जानता तो, जब मुझे साधु समझता।
आज शत्रु बन गया है, छल रहित व्यवहार मेरा।।