क्या सजा दोगे तुम मुझे और !
दिखाओगे नाराजगी,
रहे गर्व तुम मेरे लिए ,
क्या तुम्हारे लिए बन पाई मै?
छुपाया तुमने मुझे ,
जैसे कलंक थी या ,
काजल की कोठरी,
जिसे बन्दकर दामन बचाया तुमने |
बोलो ? नाराज हो न ?
नाराजगी मे और क्या सजा दोगे मुझे ?
क्रमशः
#वेदना
#शिकायत_जिन्दगी_से