एक तो वो लोग,
जिनके पास कुछ भी नहीं.
ना पैरो में चप्पल, ना तन पे, अच्छे कपड़े, ना पेट में अनाज का दाना.
दूसरे वो,
जिनके पास सब कुछ है, वो भी हद से ज्यादा.
ये दोनो हाल में,
अगर वह लोग, अपनी नियत को डगमगाने ना देते हो,
इनको सो सो सलाम
https://www.matrubharti.com/novels/32486/ispector-acp-by-shailesh-joshi