🚩 *! गुरुपौर्णिमा !* 🙏
*भगवान राम के गुरु थे.. ब्रम्हर्षि वसिष्ठ ! उनके पुत्र हुए.. ऋषि शक्ति , आगे उनके पुत्र हुए.. ऋषि पराशर और फिर उनके पुत्र हुए महर्षि व्यास.. जो भगवान विष्णुके अवतार माने जाते है !*
*हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार महर्षि व्यास त्रिकालज्ञ थे तथा उन्होंने दिव्य दृष्टि से देख कर जान लिया कि कलियुग में धर्म क्षीण हो जायेगा तथा मनुष्य नास्तिक, कर्तव्यहीन और अल्पायु हो जावेंगे ! एक विशाल वेद का सांगोपांग अध्ययन उनके सामर्थ्य से बाहर हो जायेगा ! इसीलिये महर्षि व्यास ने वेद का चार भागों में विभाजन कर दिया जिससे कि कम बुद्धि एवं कम स्मरणशक्ति रखने वाले भी वेदों का अध्ययन कर सकें ! व्यास जी ने उनका नाम रखा - ऋग्वेद , यजुर्वेद , सामवेद और अथर्ववेद ! वेदों का विभाजन करने के कारण ही व्यासजी 'वेद व्यास' के नाम से विख्यात हुये !*
*महाभारत , अट्ठारह पुराण , श्रीमद्भागवत , ब्रह्मसूत्र , मीमांसा जैसे अद्वितीय साहित्य-दर्शन के प्रणेता वेदव्यास का जन्म आषाढ़ पूर्णिमा को हुआ था ! वेदव्यासजी के पुत्र.. भगवान शिवके अवतार 'शुकदेव' हुए ! गुरु पूर्णिमा का प्रसिद्ध पर्व व्यासजी की जयन्ती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है !*
💥 *गुरुपौर्णिमा के पावन पर्वपर आपको हार्दिक शुभकामनाएं !!* 🙏
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*! जय गुरुदेव - जय श्रीकृष्ण !!* 🌷🙏🕉