# Navratri
# Kavyotsav
माँ कैसे करूँ आज तेरी पूजा
तुम बिन और न कोई दूजा
दया करो माते इस नवरात्रि
तू तो सर्व जगत की है मातृ
जब जब दुष्टों ने कष्ट दिया
तूने जन्म ले उन्हें नष्ट किया
तूने चंड मुंड असुरों को मार
इस जगत का किया उपकार
इस कलयुग में ले अवतार
धरती का तुम्हीं करो उद्धार
एक नया रोग है पनप रहा
सारा जग है इससे तड़प रहा
माँ दुर्गा आज आई तेरे द्वार
तुमसे करने बस एक गुहार
जग में सबके घर आये ख़ुशी
तब ही मेरे मुख पे आये हँसी
# Navratri
# Kavyotsav