शब्दों मे सामर्थ्य कहाँ,
जो गीत रचूँ या गाऊँ ..🙏🌹|
भावों मे आसन देकर बस,
जय जगजननी माँ , दोहराऊँ🙏🌹|
नौ दिन दान किया सेवा को,
सेवक पर , उपकार किया 🙏 🌹|
मैने तो जीवन अपना,
आप ही ,आपके नाम किया🙏🌹 |
शरण गहूँ मै चरणामृत को,
चरणों में , दो स्थान सदा 🙏🌹|
धन्य भाग्य हो जाये मेरा ..!
जो चरणधूलि मै पाऊँ 🙏🌹|
#नवरात्रि #🌹🌹🌹🌹🌹🙏