"जो धर्म समस्त जीवो पर करूणा रखता है ,जो जीवन का उद्देश्य जीने के तरीके बताता है ,जो मनुष्य तो मनुष्य जीव -जन्तु ,पेड़ पौधे ,पशु पक्षी और समस्त स्रष्टि के लिए लाभप्रद है , जो साश्वत और सबसे पुराना जब किसी भी धर्म का अस्तित्व नही था | उस धर्म को स्वीकार करने मे किसी को क्यों आपत्ति है |"