गुरूर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात्परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः।।
माता - पिता की तरह एक ओर गुरु होता है,
जो जिदंगी में ज्ञान का महत्व समजाता है।
अपनी पूरी जिंदगी दीपक की तरह जलता रहता है,
और शिष्यों की जिंदगी में रोशनी भरता रहता है।
हर वक़्त पर कठोर जिंदगी को मूल्यवान बनाता है,
अपनी जिंदगी को पूरी घिस कर गुरु का नाम अदा करता है।
हर शिष्यों में होता है गुरु के आधार का सम्मान,
जो हर मंजर पर वीरो का निर्माण करता रहता है।
ब्रम्हज्ञान के सिद्धांत पर बना है हर मनुष्य के जन्म का लक्ष्य,
जिसे हर शिष्य गुरु के सिद्धातों का सन्मान कर प्रणाम करता है।
हर सफ़र में ग़ुमराह बने व्यक्ति को सही राह दिखता है,
अंजान दुनिया में सही पहचान का वस्ता दिलाता है।
अब क्या क्या कहूं में उसके बारे क्या हर जहाँ का वजूद दूँ,
आदि अनादि अंत तक मिल कर शिक्षा का उपहार दिया करता है।
Happy Teachers day...🌹🙏🏻
❣️DEAR ZINDAGI ❣️