मेरे घर के आंगन में तेरे आने से एक एक फुल महक जाता है,,,!
तू नहीं फिर एक याद का ताल्लुक हर जगह महकता रहेता है,,,!
तू ए_दिल_ मरासिम नहीं फिर एक बार रस्म_आे_रिवाज़ दुनिया के निभाने आ,,,,!
यहां तन्हा चाँद की चाँदनी रात में हर जगह तस्सवुर का आलम रहेता है,,,!
DEAR ZINDAGI 💞