जिंदगी की इस भाग-दौड़ में,
चलों न थोड़ी देर कहीं ठहर जाएं।
चाय का कप लिए हाथ में,
कुछ तुम कहो तो कुछ हम सुनाएं।
इस व्यस्ततम जिंदगी से,
चलों न कुछ पल फ़ुरसत के चुराएं।
कभी तुम हमारे घर आओ,
कभी हम तुमसे मिलने आएं।
इस नीरस, उबाऊ सी जिंदगी को,
चलों न थोड़ा सा खुशनुमा बनाएं।
आजकल जो हालात हैं दुनिया के,
न जाने कब सांसों की माला बिखर जाएं।
चलों उससे पहले एक-दूसरे के जीवन में
अपनी कुछ हंसती-खेलती यादें ही संजोएं।
जिंदगी की इस भाग-दौड़ में,
चलों न थोड़ी देर कहीं ठहर जाएं।
🖊️Pragya Chandna