पानी की एक बूँद "गर्म तवे" में गीरे तो "नष्ट" हो जाती है,
"कमल के पते" पर गीरे तो "चमकने" लगतीं हैं,
"सिपी" में आएँ तो खुद "मोती" बन जाती है,
अर्थात पानी की बूँद तो वही है,
बस फर्क तो सिर्फ़ संगत का है।
जी,,,,,,,ज़रुर पढियेगा और अमल भी कीजिएगा हुजूर,,,