लाज़िमी है
दिल ए नूर, तेरा बहेना दिल से लाज़िमी है
अश्को की बाढ, गोरे गाल पर लाज़िमी है
हुश्न का जादु चढ गया, रंग ए नूर बनकर
नूराना जहॉ नसीब , हो जाना लाज़िमी है
बरकरार है राहे वफा, सुकुन के चलीए जी
मंजी़ल सामने होना , बिलकुल लाजिमी है
टुटकर बिखर ना जाये घोंसला ए महोबत
हसीन तरीके से सजा़ना हरदम लाज़िमी है
उलफत की रंगीनीयों को समज़ कौन सका
डुबकर दिल ए दरिया,खो जाना लाज़िमी है