नदी बही…और समुद्र से जाकर मिल गई
ये नदी की यात्रा है या जल की ?
बादल पहाड़ से टकराये और बरस गये
ये बादल का दुःख है या पहाड़ का ?
हवा चली…टहनी से टकराई और फूल
गिर गए
ये रिश्ते की गवाही है या दिन ढ़ल गया ?
शायद!
जीवन की यही प्रकृति है
किसी का दुःख
किसी की यात्रा बन जाता है