🌞🌍🌘🌞सूर्य ग्रहण 🌞🪐तारीख 21 जून 2020 का काशी में खंड सूर्य ग्रहण चूड़ामणि योग सहित है, लगभग पूरे देश में यह खंड ग्रहण के रूप में दिखाई देगा पर हरियाणा, राजस्थान व सहारनपुर( उत्तर प्रदेश) के आसपास या कंकणाकृति के रूप में दिखाई देगा, आषाढ़ कृष्ण अमावस्या दिन रविवार, मृग नक्षत्र, मिथुन राशि पर वायुमंडल में लगा यह ग्रहण जिसका स्पर्श➡️ दिन में 10:30 पर➡️ मध्य 12:17 पर मोक्ष➡️ दिन में 2:04 पर होगा ,ग्रास मान 9 अंगुल 52 व्यास का है, पर्व काल 3 घंटा 34 मिनट का है, सूर्य ग्रहण का वेध तारीख 20 जून को रात के दूसरे प्रहर अर्थात रात 9:21 से लगेगा, वायुमंडल में ग्रहण होने से महावायु चले, महा भय उपस्थित हो, भरे बादल भी पानी ना बरसाएं, ब्राह्मणों का विनाश हो, विंध्यवासी शासकों में मनमुटाव हो ,पर्वतीय क्षेत्रों में तेज हवा चले जिससे नुकसान होगा, महामारी का प्रकोप हो, यह फल एक मास में होता है, मिथुन राशि पर ग्रहण से वैश्या,वाल्हिक देशवासी, यमुना तटवासी पीड़ा ग्रस्त होते हैं ,आषाढ़ मास में ग्रहण हो तो कहीं कहीं पानी बरसे, कहीं-कहीं रोग, अन्न लाभ, वृक्षों से फल मूल टूट पड़े, शेष वर्ष शुभ रहे, ग्रहण रविवार को हो तो वर्ष मध्यम रहे,चूड़ामणि योग के इस ग्रहण में स्नान, दान, पूजा, मंत्र यंत्र सिद्धि का विशेष फल होता है, तथा विशेष पुण्य होता है, ग्रहण काल में दिया गया दान, पूजा-पाठ, गुरु मंत्र जप का फल अक्षय हो जाता है, उसका फल कभी नष्ट नहीं होता एवं बहुत ही पुण्य माना जाता है,🌞👉 ग्रहण काल के समय राशियों पर इनका प्रभाव👉 मेष राशि को लाभ➡️ वृष को हानि➡️ मिथुन राशि को घातक ➡️कर्क को व्यय➡️ सिंह को लाभ ➡️कन्या को सुख➡️ तुला को माननाश➡️ वृश्चिक को मृत्यु तुल्य कष्ट➡️धनु को स्त्री कष्ट➡️मकर को सुख➡️ कुम्भ को चिंता➡️ मीन को व्यथा।
🕉️🌘 ग्रहण सूतक🕉️🌘 धर्म शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण में ग्रहण से पूर्व 9 घंटे और सूर्य ग्रहण में 12 घंटे पहले ग्रहण का सूतक होता है, इसमें बालक वृद्ध और रोगी को छोड़कर अन्य लोगों के लिए भोजन निषिद्ध है,।
ग्रहण में जपा गया मंत्र सिद्धि प्रद होता है, यह अनुभूत है।