आज की प्रतियोगिता "
# विषय .शुक्रगुजर "
** कविता **
मुझें संसार में ,लाने का शुक्रगुजर तेरा ।
मुझें खूबसूरत खजाना ,बनाने का शुक्रगुजर तेरा ।।
मेरे दिल में परोपकार ,भरने का शुक्रगुजर तेरा ।
मुझें सुहाने मित्रों से ,मिलवाना शुक्रगुजर तेरा ।।
मुझें हुस्न के दीदार ,करवाने का शुक्रगुजर तेरा ।
मुझें मानवता सीखाने का ,शुक्रगुजर तेरा ।।
मुझें भाईचारे की सीख ,सिखाने का शुक्रगुजर तेरा ।
मुझें सुहावने भारत धरा पर ,जन्म देने का शुक्रगुजर तेरा ।।
मुझें खुशहाल जिदंगी देने ,का शुक्रगुजर तेरा ।
मुझें मेरी पहचान कराने ,का शुक्रगुजर तेरा ।।
मुझें प्रकृति के तले ,महकाने का शुक्रगुजर तेरा ।
मुझें चरित्रवान मानव बनाने ,का शुक्रगुजर तेरा ।।
बृजमोहन रणा ,कश्यप ,कवि ,अमदाबाद ,गुजरात ।