देखकर भी हमें, बताओ क्यों अनदेखा कर देते हो
कभी करते थे हमारा इंतजार आज मुंह फेर देते हो
क्या तुम्हें हम याद नहीं? या भुल जाना चाहते हो
कभी करते हमशे प्यार , आज छोडऩा चाहते हो
क्या खता हुईं हैं ? जो खफ़ा हो गये हो तुम हमशे
या फिर कहीं ओर अपना दिल लगाना चाहते हो
... ✍️ वि. मो. सोलंकी "विएम"