दस्तक देती उँगलीयॉ, दिल थक जायेगी
ना खुलेगा दरवाजा, रहेमत चली जायेगी
रुखसत होती रहेगी महेमान नवाजी की
आने वाली, सुकुन भरी पल चली जायेगी
बीना वजह कुछ होता नही, जींदगी मैं
वजुद मिटाती , हसीन पल चली जायेगी
बसंत बहार, फूलों का उपहार मजाजे ईश्क़
वक्त के साये मैं, जींदगी ढलती चली जायेगी
मिलेगी हरपल , मौज़ ए मस्त बेफक्र फकीरी
दबादत मैं रुहानी मस्ती, रुह मैं चली जायेगी