मैं उस पेड़ की तरह हूँ जो किसी और के जड़ों को हानि नहीं पहुँचाता जो जानवरों के बीच रहते हुए भी खुदको सुरक्षित महसूस करता हैं मग़र इंसानों को देखकर असहज हो जाता हैं मुझे बाहर से समझने वालों को मैं हमेशा ही ग़लत लगा पर अंदर से मैं गुलज़ार हूँ मैं जंगल मे अकेला हूँ मग़र सुरक्षित हूँ