बेचारा रोटी की तलाश में जा पहुंचा परदेश
खबर न थी कि एक दिन बन जायेगा दरवेश
घास फूस बल्ली से किसी तरह बनाया था डेरा
कोरोना ने एक ही झटके में दिया उजाड़ बसेरा
टूट चुका था बिखर गया था उसका नीड़
भूखे प्यासे जीते मरते लौट रहे थे अपने गाँव
लिए आस कि उन्हें मिलेगी मीठी छाँव
= नीड़
#Nest