यु ही चलता फीरता तो हमदर्द नही बन जाता राहे जींदगी मे, आखो मे अपने लीए सागर हो तो ही डुबा जाता है जनाब, ओर जो सोख रखते है जहा वहा डुबकी लगानेका उनके लीए ताजाब मील जाते है काफी है, पर जो मोती को ढुढने नीकलते है वो तो समंदर मे ही छलाग लगाएगे।। अब आप दुसरो को जोभी समजो पहले तय ये करलो आप कौन हो, तालाब या सागर??
Raajhemant