यँहा जीना है अगर , कर गम से दोस्ती
ज्यादा की बात ना कर, कर कम से दोस्ती
आते है कितने, रोज जाते है कितने
हर दिन इस धरतीमे समाते है कितने
मौतकी परवा ना कर, कर जनम से दोस्ती
यँहा जीना है अगर , कर गम से दोस्ती
है लेना तेरे बस मे, ले जाना तेरे बस मे नहीं
जो जाता है दुनियासे लेकर कुछ जाता नहीं
तू चलकर असूलों पर, कर करम से दोस्ती
यँहा जीना है अगर , कर गम से दोस्ती
ज्यादा की बात ना कर, कर कम से दोस्ती
Sagar...✍️