भाग्य का सितारा ...
मैं इंतज़ार में खड़ा रहा
हाथ बांधे तकता रहा
दूर उस आसमां को
कि
मेरे भाग्य का सितारा
जागेगा, चमकेगा यकायक
और रोशनी में नहा जाएगा
मेरा सारा वर्तमान और
खिल उठेगा भविष्य
पर पता ही न चला कि
कब वो
मेरा सितारा
आकाश से नीचे उतरा
आहिस्ते से ज़मीं पर
पहने धूल की चादर
और
मेरी आकाश-चढ़ी नज़रों
के नीचे से गुज़र गया
किसी गुज़रे हुए समय की तरह ..
:- भुवन पांडे
#भाग्य