#पागल
....अहंकारी के पास कोई हृदय नहीं..पागलपन है धन का,पागलपन है अपनी सुंदरता का,पागलपन है अपने रुतबे का,एक अजीब सी पगलैटी के सिवा कुछ भी नहीं...लेकिन निरहंकारी तो पागल है उसका यह पागलपन अहंकार की चट्टान को तोड़कर स्वाभिमान को,हृदय की धड़कन को सुन पाता है कि क्या कह रहा है यह..."पागल"...तभी जीवन का मधुर संगीत..इक मौज में सारे जीवन का रूप ही बदल देता है...वाह...!!!!💐💐
करुनेश कंचन