लोग पूछते हैं मेरा परिचय मुझसे
जिसे मैं खुद भी खोज रही हूं,
जो खो चुकी है तमाम रिश्तों में
बेटी, बहन,पत्नी, बहू,मां,
दीदी,चाची,ताई, बुआ,भाभी
एक भूली दास्तान सी
मेरा नाम!जिसे पुकार लेती है
कभी कभी मेरी मां,
जब पहचान नहीं पाती
मेरी आवाज फोन पर।
मेरा नाम।।
#परिचय