जिस क्षण तुम मुझे स्वयं से अलग करो,,
वह मेरे जीवन का अन्तिम क्षण हो।।
न चाह रहे कुछ पाने की ,,,,
मृत्यु पार भी सिर्फ तुम ही तुम हो। ।
दूर होकर तुमसे मिले मुझे अमरता ,,
हँस कर वह भी मुझे अस्वीकार हो।।
या दे ईश्वर सारा जग मुझको तुम बिन,,
कोई स्वार्थ कभी न तुमसे बढ़कर हो।।
प्रेम में तुम पर मेरा सब न्योछावर,,
तुम्हारी पीड़ा पहले मुझको हासिल हो।।
कभी न तुम तक पहुंच सके कोई दुख ,,
बस तुम्हारी मुस्कान ही मेरा जीवन हो।।