# forget
तुझे भूल कैसे जाऊँ मैं बता भूल कैसे जाऊँ --
याद अभी हैं वो दिन प्रियवर जो थे तेरे संग बिताए
प्रीति-बीन पर साथ-साथ थे मादक से कुछ गीत सुनाए
दोहराए कुछ प्रश्न पुराने ओ ! तेरा अभिनंदन साथी !
तुझे भूल कैसे जाऊँ --
श्वाँस श्वाँस पर पहरे बैठे सुधियों के पहरेदारों के
उमर अभागिन लगती जैसे क्षत-विक्षत स्वप्न बहारों के
जीवन-नैया करती डगमग देता कल निमंत्रण साथी
तुझे भूल कैसे जाऊँ ---??