छोटी छोटी कलियों को, डाल पर खिला देता है ,
हमें कुछ बनाने वाला,वह पिता होता है।
बारिश को खास बनाने वाला बादल होता है,
हमें खास बना देता जो, वह पिता होता है।
जो हाथ की लकीरें देखता,वह ज्योतिष होता है,
जो हमारी किस्मत ही बदल दे,वह पिता होता है।
जिसके उगते ही सुबह होती,वह सूरज होता है
जिससे सुख की सुबह देखते,वह पिता होता है।
जिसके निकलने से रात को रोशनी होती है।
वह चन्द्रमा होता है।
जिससे चेहरे पर शांत भाव आता है।
वो हमारे पिता होते है।
डाभी अजयकुमार