इंसान जब रोज ब रोज की भागदौड़ से थक हार के
किसी अपने से ही प्रेम की अपेक्षा रखता है
और जहां से प्रेम पर्याप्त नहीं होता तो
वह अक्सर राह भटक जाता है
इसीलिए अपनों से प्यार करें
और उनका आदर करें क्योंकि Bindu A.
अपने हैं तभी हम है
अपनों के बगैर कुछ भी नहीं है