तुम अद्भुत अनुरागी हो।
जब मैं राधा होती हूँ, तुम
सम्पूर्ण कृष्ण होते हो।
जब मैं कृष्णा होती हूँ, तुम
सम्पूर्ण मधुसूदन होते हो।
जब मैं रुक्मिणी होती हूँ, तुम
सम्पूर्ण द्वारिकाधीश होते ही।
जब मैं मीरा होती हूँ, तुम
सम्पूर्ण गिरधर गोपाल होते हो।
मेरे हर भाव के अनुसार,
पूर्ण- सम्पूर्ण।।
बस मैं ही अंश अंश ,
कभी राधा, कभी कृष्णा, कभी रुक्मिणी और कभी मीरा होती रहती हूँ।
#कृष्ण