दुसरो की कहि सुनी बातो का विश्वास मत करना
खुद देखी सुनी बातो पर सो बार विचार करना
दुसरो को सुखी देखकर इर्ष्या कभी मत करना
खुद परिश्रम करके सुखी होने कि कोशिश करना
दुसरो को देख कर देखा देखी कभी मत करना
खुद कि हेसियत को समजकर पैसा खर्च करना
आवेश और क्रोध में कोई निर्णय कभी ना करना
शांत होकर सोच समझकर सारे निर्णय करना
Anil Mistri