कुछ इस तरह रिश्तो में गिरावट आती है
पहले वह हमें छोटी-छोटी बातों में डांटते हैं
हम छोटे हैं यह सोच समझ के कुछ बोल नहीं पाते
फिर वह हर बात पर रोक टोक करते हैं
हमारे अपने हैं यह समझकर हम कुछ बोलते नहीं
पर जब बात आपके अस्तित्व की हो तो
हम किसी अपने की नहीं सुनते
बस अपने जमीर की ही सुनते हैं और
कुछ इस तरह रिश्तों में गिरावट आती है