नमस्कार मित्रों ,
आशा करता हूँ की आप सभी सपरिवार सकुशल होंगे |रोजाना की भांति मै आज भी किसी विषय पर अपनी राय आप सबके समक्ष रखने आया हु जिसका विषय है " प्यार "
मित्रों प्यार है क्या , वास्तविकता में इसकी परिभाषा क्या है बिना इसकी गहनता जाने हुए कुछ अपद्रव्य इसकी परिभाषा को गलत ठहरा रहे है , दोस्तों प्यार अर्थात भरोसा |
प्यार की बुनियाद ही भरोसा है या यूँ कहे जहा भरोसा वह प्यार , अगर आप किसी पर अटूट भरोसा करते है , अपनी हर बात शेयर करते है और राय लेते है तो वही तो प्यार है |
और यह प्यार कही भी और किसी से भी ही सकता है बस जरूरत है तो भरोसा करने की और भरोसा जीतने की , क्युकी ये रिश्ता रूह से होता है जिस्म से नहीं
धन्यवाद अपना अमूल्य समय निकलकर इस छोटी कलम को पढ़ने के लिए
आपकी अमूल्य टिप्पड़ियों का इन्तजार रहेगा
आपका अपना
एस के मिश्रा