Friendship..
मैं यार दोस्ती का गिराया नहीं गया,
तेरा फरेब होटों पे लाया नहीं गया,
ए मेरी आंखों तुम भी दग़ा दे गई मुझे,
एक ही तो गम था वह भी छुपाया नहीं गया..?
Know your self..
औरों में ऐब ढूंढना मेरा मिज़ाज था,
ईमानदार शख़्स भी झूठा लगा मुझे,
जब निगाहें खुद के गिरेबान पे की,
उस रोज़ से हर शख़्स अच्छा लगा मुझे..!
Regret...
ऐसा नही. के अपना बुरा वक़्त सिमट गया,
खुद्दारी जाग उठी तो दामन सिमट गया,
बस्ती के एक बुजुर्ग की मैयत को देख,
मैं अपने बुढ़े बाप से लिपट गया..।
Justice....
हम सब खुद को बर्बाद किए बैठे हैं,
शोर होटों पर हैं और जहन सिए बैठे हैं,
छोड़ कर चांद सितारे पलट आए हैं लोग,
और एक हम हैं कि चिरागों को लिए बैठे हैं..!
J. K