बहुत कुछ है अनकहा, अनसुना तेरे मेरे बीच,
सुनना चाहता हु उसे, तेरे सीने पे सर रख के,
जुबा से न बोले तो कोई गम नही है हमे,
तेरी आंखोमें मेने सवालो का सैलाब देखा है,
कभी ये मेरे सामने ये आंसू बनकर बहा है,
भरना चाहता था उस वक्त तुजे में अपनी बाहोंमे,
पर रुक गया में अपने उसूलो के आहोसमे,
चाहता हु में वो हर हक अब तो पाना,
नही चाहता तुजे उम्र भर अब खोना,
ले जाऊंगा तुजे उस तन्हाई के आलम से,
दूर कही इस अकेलेपन के माहौल से,
जहा तुम हो में हु और हो बस कोई अपना,
पूरा होगा तेरा और मेरा हर कोई सपना !!!
#केप्टन @श्याम
#अनकहा