*प्रातः वंदन* 🙏🏽
*हमारे चारों ओर ऐसी संभावनाओंका ढेर*
*लगा हुआ है जिनका लाभ उठाकर*
*हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं*
*हम क्या और कितना कुछ*
*हासिल कर सकते हैं*
*यह इस पर निर्भर है कि हम ख़ुद को*
*किस हद तक क़ाबिल समझते हैं*
*हमारी कामयाबी की वास्तव में*
*कोई सीमा नहीं है हमारी*
*ज़िंदगी का बाहरी पहलू तटस्थ होता है*
*हम उसे क्या मायने देते हैं*
*इसी पर व्यवहार, मत, भावनाएँ*
*और प्रतिक्रिया तय होती है*
*हमें क्या सोचना है इसका फ़ैसला*
*केवल हमें ही करना है,*
*इसलिए हम में हमारी पूरी ज़िंदगीपर*
*नियंत्रण की ताक़त है।*
🌷 *सुप्रभात* 🌷