ग़म ए जिंदगी, दरगुज़र करता हुं,
दुआ और दिल से, सुकुन भरता हुं।।
मिले मौज में, फैन ओर बुलबुला भी,
अंदाज तेरा, दिलमें रोशन करता हुं।।
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सफ़र हैं परिंदें की, आसमान मे गजब,
घौंसले मैं शाम को, वापस ही आना है ।।
मुसाफ़िर है मंजिल ए महोबत दुनियामें,
छोड़ कर मुसाफ़िर खाना, खूद जाना है ।।
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