मायका
सावन आया,
मायके की सुहानी,
यादें ले लाया।
झूले थे झूले
बाग में मायके के,
आते हैं याद ।
रहे न याद,
कोई भी बात जब,
मायके जाये।
भाई बुलाये,
मायके हम जाए,
राखी के दिन ।
दुख की बातें,
मायके जा करके,
भूल ही आए ।
मायके दिन ,
रहते थे सखीयों,
के साथ हम।
Uma vaishnav
मौलिक और स्वरचित