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जीतना ही फर्क होता है | दोनों सही होने के बावजूद भी एक दुसरे को समझ न पाते क्युकी समझ ने का तरीका अलग होता है | इसलिए कोई एक कहे हां बराबर बोलो तो बात खत्म हो जाती है, पर अपनी समझ के हिसाब से समझाने जाए तो जरुरी नहीं बात समझ आए ही | इससे बेहतर है समजैता करना या दुसरे की बात को स्विकार करना |...ॐD