# Kavyotsav
भावनाये- दर्द की भावना
कविता - तरस
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उदास मन
उदासी भरी शाम
आँखे नम
आलमे तनहाई है
तरस आ रहा है
अपनेआप पर...
काश...
कोई आये इधर
पुछे हाल बेबसी का
तरस खाकर आये
चलेगा यह भी....
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कविता- तरस
-अरुण वि.देशपांडे- पुणे
9850177342
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