मेरी आज़ादी........
मुझे वो आज़ादी चाहिए
जहाँ बेटियाँ सपने देखने से पहले
इजाज़त न माँगें।
जहाँ बेटों को रोने के लिए
कमज़ोर न कहा जाए।
जहाँ हर इंसान
अपनी ज़िंदगी का किरदार
खुद लिख सके।
क्योंकि आज़ादी का असली रंग
तभी पूरा होगा,
जब हर चेहरे पर अपनी ज़िंदगी चुनने की मुस्कान होगी। 🇮🇳
Happy independence day
#bydiksha