—बाहर निकल कर देख लो—
जिद है करने की कुछ पर अन्जाम से डरते हैं लोग,
बेबसी चोखटो पर फिर यूहि मरते हैं लोग।
गर खाब है तो पूरा करो डरकर क्या हो जाएगा,
एक उम्र के बाद ये जख्म बनकर रह जाएगा।
बाहर निकल कर देख लो हर कोई परेशान हैं,
कोशिशो की जिद करो बाकी तुम मे जान है।
फिर तुम्हारा सोया मुकद्दर झक मारकर आएगा,
मंजिलों की चोटियों तक आसमां भी आएगा।
-MASHAALLHA