कह देती हूं हर बात मुंह पर
मुझे बातें बनानी नहीं आती,
मुख्तलिफ सी हूं ज़रा
हर बात रास नहीं आती,
जो मेरा है ,,
नहीं छोड़ सकती हूं बस उसे,
बाकी पराया जो भी हो ,
उस पर नज़र नहीं जाती,
नादान हूं ,
ठोकरें खाती हूं बहुत,
मगर गिरकर सीख लेने में
मुझे तनिक भी लाज नहीं आती,
नहीं मै मुकम्मल हस्ती कोई
खामियों का एक पुलिंदा हूं,
गिनाते होंगे और लोग खूबियां अपनी,
मैं अपनी खामियां गिनाने में नहीं शर्माती हूँ..!🖤
#वूमेन स्पेशल
writer bhagwat singhnaruka ✍️✅✍️