यू बिखर कर भी किसी के लिए होना कितना मुश्किल है..........
मन के बवाल को बिना बताये रह पाना कितना मुश्किल है........
दूसरों की परवाह में खुद को भूल जाना कितना मुश्किल है........
ना चाहते हुए भी सब कुछ मान जाना कितना मुश्किल है.........
मन पर पत्थर रख घर को जोड़ कर रखना और फिर परायी हो ना सुनना कितना मुश्किल है..........
खुद के नसीब का फैसला किसी और को करते देखना और बोझ सा लगना कितना मुश्किल है.........
आरंभ से अंत और फिर अंत से आरंभ एक ही जन्म में देखना कितना मुश्किल है..........
Worse but so called happy life of girls ..............