तू है तो कुछ है
तू नही तो भी सब है।
पर तेरे साथ कुछ अलग ही है।।
न जाने क्यों मेरे हर नज़्म तेरे साथ शुरू होते है और तेरे साथ ही खत्म।
ख्वाबों खयालो में तू अचूक होता ही हैं...क्योकि मेरे ख्वाब ही तेरे साथ ओर तेरी वजह से तो आते है।
वो समंदर की लहरें, सूरज की किरण,ओस की पहेली बून्द,पहेली बारिश सब मे तुझको पाती हु। क्योंकि तू और में जुदा ही कब थे!
बस तू है तो इश्क है..इश्क है तो में हु..और ये हमारे इश्क से छुपी हैं ...तेरी मेरी इश्किया..!
-Hina