गुजर रही है जो मुझ पर, अब किसको मैं बताऊँ, अपना हाल-ए-दिल, अब किसको मैं सुनाऊं।
रूठा जो तु मुझसे, रूठी मेरी हर खुदाई,
टूटे हुए ख्वाबों का ये मंज़र, अब किसको में दिखाऊ।
गुजर रही है जो मुझ पर, अब किसको मैं बताऊँ।।
बीत रहे हैं लम्हे, या उन लम्हों में बीतता हूँ मैं।
भूली बिसरी तेरी यादों की तस्वीरें, बस जोड़ता हूँ मैं।
तेरी वो हँसी, तेरी हर अठखेलियां याद है मुझे। किस्से अपने मोहब्बत की अब गीतों में पिरोता हूँ मैं।
अश्कों की स्याही से लिखी दास्तां, अब किसको मैं पढ़ाऊं।
गुजर रही है जो मुझ पर अब किसको मैं बताऊँ।।
मिले तुम्हें तमाम खुशियां, हमले तो थामा दर्द का दामन है।
मिट जाना तेरे इश्क में, मेरी दीवानगी का आलम है।
तन्हा सा, बिखरा हुआ, खोखला सा मैं।
गए जहाँ तुम मुझे छोड़ कर, रूह मेरी अब भी वही कायम है।
तुम बिन मेरे दिल का वो सुकून, अब कैसे मैं पाऊं।।
गुजर रही है जो मुझ पर अब किसको मैं बताऊँ अपना हाल ए दिल अब किसको मैं सुनाऊॅ।।