प्रेम या परिवार...
मैंने दो तरह के लोग देखे हैं एक वो जिन्होंने परिवार के लिए अपना प्यार छोड़ दिया, और एक वो जिन्होंने प्यार के लिए अपना परिवार छोड़ दिया। जिन्होंने परिवार के लिए प्यार छोड़ा... उन्हें सिर्फ परिवार मिला, प्यार कभी नहीं मिला, सुख कभी नहीं मिला। और जिन लोगों ने प्यार के लिए परिवार छोड़ा उन्हें प्यार तो मिला, लेकिन बाद में परिवार भी उनके साथ हो गया। सच्चाई यही है- एक बार प्रेम खो जाए, तो उसे दोबारा पाया नहीं जा सकता। इसलिए हमेशा प्रेम को चुनो, क्योंकि वही जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है