मौसम बहुत अच्छा है, बिल्कुल वैसा ही जिसका हमने इंतजार किया था कि बारिश में बारिश को जियेंगे...
पर अब मुझे लग रहा है कि बारिश में लोग जीते नहीं हैं बल्कि मर जाते हैं..मैं तुम्हारे प्रेम को महसूस नहीं कर पा रहा हूँ शायद मैं भी मर रहा हूँ.. इस शाम की तरह ढल रहा है मेरा जीवन, ये बहुत विचित्र है 'मुझ में तुम्हारा ना होना'...