बातें धीरे-धीरे कम हुईं,और फिर बिल्कुल बंद हो गईं....
ना कोई झगड़ा हुआ ना कोई नाराज़गी थी...
बस वो आगे बढ़ गए और हम वहीं रुक गए अब दिल करता भी है तो "message" नहीं करते...
जो बिना बताए भूल गया उसे याद दिलाना ही क्या
कमाल की ख़ामोशी थी उनकी बिना अलविदा कहे सब ख़त्म कर गए ..