कभी-कभी रात को जब नींद नहीं आती तो तुम्हारे बारे में सोचता हूँ। सोचता हूँ कि तुम इस पल क्या कर रही होगी। क्या तुम्हारे भी मन में कभी मेरी याद आती होगी ? क्या तुम भी कभी फूल देखकर रुक जाती होगी ? लेकिन फिर मन कहता है कि ये सवाल बेकार हैं। क्योंकि प्रेम मे तो कोई हिसाब नहीं होता।