बड़ी सयानी बरखा रानी
बादल संग बरसाए पानी
बुलाने पर तो आती नहीं
बिन बुलाए बरसाए पानी
बरखा रानी बड़ी सयानी
बादल संग बरसाए पानी
जब भी मैं बाहर खेलने जाऊँ
गर्मी से परेशान हो जाऊँ
देख आसमां में काले बादल
मन ही मन हरसाऊँ
पर उस समय तो तुम
करती अपनी मनमानी
क्यूं नहीं बरसाती पानी
जब मुझे हो स्कूल जाना
तुम चुपके से आ जाना
नहीं पड़ेगा मुझको स्कूल जाना
मुझे पसंद है बारिश में
गरम-गरम पकोड़ी खाना
रिमझिम-रिमझिम करके
खूब बरसना बरखा रानी
जब भी बुलाऊँ, तुम आ जाना
मत तरसाना बरखा रानी
बरखा रानी बड़ी सयानी
बादल संग बरसाए पानी
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली